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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और निवारण
किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤‚दरता में तà¥à¤µà¤šà¤¾ à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। यदि तà¥à¤µà¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है तो à¤à¤¸à¥‡ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤‚दरता में चार चाà¤à¤¦ लग जाते हैं। वहीं यदि बात करें तà¥à¤µà¤šà¤¾ के असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने की तो à¤à¤¸à¥‡ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ मà¥à¤°à¤à¤¾à¤¯à¤¾ नज़र आता है।Â
जब तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दाने, मà¥à¤à¤¹à¤¾à¤‚से व à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है तो à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤‚दरता में गिरावट आने लगती है। इसी के साथ साथ ये à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ नà¥à¤•़सानदेह होती है। आज के अपने इस लेख में हम सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पर à¤à¤• विशेष चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। तो आइठअपने इस विषय की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें।
हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाला इरिटेशन या किसी à¤à¥€ तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ जिसके कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर खà¥à¤œà¤²à¥€, लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ या तनाव उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो उसे सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के नाम से जाना जाता है। सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का अरà¥à¤¥ ये होता है कि किसी विशेष चीज़ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ संवेदनशील है।
à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° की ओर से दी गई à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है जो ये दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है कि किसी à¤à¥€ विशेष चीज़ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नà¥à¤•़सान हो सकता है।
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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤•ार
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ अलग अलग तरह की होती है। यह लोगों में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पà¥à¤°à¤•ारों में देखी जा सकती है-
1.) फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨
फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है जो फंगस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होती है। इसे मायोकोसिस à¤à¥€ कहते हैं। फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ चेहरे, हाथों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ या शरीर के किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— में हो सकती है।
इस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का खà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤ªà¤¨ बनने लगता है।Â
इसी के साथ साथ यदि à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ चेहरे पर है तो à¤à¤¸à¥‡ में आइबà¥à¤°à¥‹ के बाल à¤à¥€ à¤à¤¡à¤¼ सकते हैं। फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का इलाज करवाना ज़रूरी है अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ ये शरीर के ऊतकों, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और अंगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने लगती है।
2.) लिचेन पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¸
यह à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का सà¥à¤•िन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ या सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है जो 30 साल से अधिक के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में देखने को मिलती है।
इस सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कà¥à¤› चमकीले धबà¥à¤¬à¥‡ निकल आते हैं। ये à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के लाल दाने के रूप में शरीर में दिखाई देते हैं। यह सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ शरीर के किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— पर हो सकती है लेकिन कलाई, पैर के निचले à¤à¤¾à¤—, पीठ, गरà¥à¤¦à¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ में इस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के होने की ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है।
बात करें यदि इस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण की तो यह दरअसल जेनेटिक या वंशानà¥à¤—त होती है। परिवार के इतिहास में यदि कà¤à¥€ किसी को इस पà¥à¤°à¤•ार की कोई सà¥à¤•िन डिजीज रही है तो à¤à¤¸à¥‡ में आने वाली पीढ़ी में à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है।Â
3.) à¤à¤•à¥à¤œà¤¼à¤¿à¤®à¤¾Â
à¤à¤•à¥à¤œà¤¼à¤¿à¤®à¤¾ को à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही कॉमन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के रूप में माना जाता है। दरअसल यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कà¤à¥€ न कà¤à¥€ इंसानों में देखी जाती है। इस पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन आ जाती है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¤• लाल पपड़ी à¤à¥€ बन जाती है।Â
à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ऊपर à¤à¤• अनà¥à¤¯ मृत तà¥à¤µà¤šà¤¾ आ जाती है। इसी के साथ साथ इस सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में काफ़ी खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¥€ होती है। यह बड़े लोगों तथा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ दोनों में ही हो सकती है लेकिन ये à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤• इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलती है।
 4.) पितà¥à¤¤à¥€
आपने पितà¥à¤¤à¥€ उछलने के बारे में तो सà¥à¤¨à¤¾ ही होगा। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है जिसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बड़े बड़े लाल चकते उà¤à¤° आते हैं। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बनें इन लाल चकतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में असहनीय खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है। खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¨à¥‡ पर यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और तेज़ी से बढ़ने लगती है। पितà¥à¤¤à¥€ उछालने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में घरेलू इलाज के तौर पर गेरू के पाउडर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इसी के साथ साथ कचà¥à¤šà¥‡ दूध के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ इस à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इलाज किया जाता है। ये à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ तरीक़े हैं जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के इलाज में पà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ होते चले आ रहे हैं। इसी के साथ साथ यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कà¥à¤› दिनों में अपने आप à¤à¥€ ठीक हो जाती है।
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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ दरअसल किसी विशेष चीज़ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की संवेदनशीलता पर होने वाला पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ है। आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहें तो किसी विशेष चीज़ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ यदि हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ संवेदनशील है तो à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर उस चीज़ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से दानें, मà¥à¤à¤¹à¤¾à¤¸à¥‡ या लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ निकल सकते हैं। सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ à¤à¥€ कारण हैं। तो आइठदेखते हैं कि वे कà¥à¤¯à¤¾ हैं-
1.) परफà¥à¤¯à¥‚म से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
कà¥à¤› लोगों को परफà¥à¤¯à¥‚म से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग जब परफà¥à¤¯à¥‚म का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं तो उनकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ हो जाते हैं।
 2.) मेटल तथा जेवरों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€Â
कà¥à¤› लोगों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ धातॠतथा जेवरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग यदि धातॠसे बनी कोई जेवर पहनते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर काफ़ी खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह जेवर जब पसीने के साथ संपरà¥à¤• में आते हैं तो à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है।
 3.) सिंथेटिक कपड़ों से
कà¥à¤› लोगों को सिंथेटिक कपड़ों से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। कà¥à¤› लोगों को जॉरà¥à¤œà¤Ÿ के कपड़े पहनने पर à¤à¥€ काफ़ी परेशानी उठाना पड़ता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ सिंथेटिक कपड़ों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥€ संवेदनशीलता दिखाती है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है।
 4.) कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€Â
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के सौंदरà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे फ़ाउंडेशन, काजल या मसà¥à¤•ारा से à¤à¥€ लोगों को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
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5.) à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने वाले à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• थिमेरोसॉल से à¤à¥€ सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
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6.) जानवरों की खाल से
कà¥à¤› लोगों को जानवरों के फ़र या खाल से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों को कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾, बिलà¥à¤²à¥€ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ को छूने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर जलन या खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है।
इसके अलावा à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ कारणों में से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, साबà¥à¤¨, इतà¥à¤°, हेयरडाई, साबà¥à¤¨, नेल पेंट, सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ à¤à¥€ शामिल हैं जिनसे लोगों को तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
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à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
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तà¥à¤µà¤šà¤¾ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं-
1.) तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर जलन या खà¥à¤œà¤²à¥€ होनाÂ
2.) तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ दिखाई देनाÂ
3.) तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन आ जानाÂ
4.) डेड सेल या तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ऊपर अनà¥à¤¯ खाल का आ जाना
5.) तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दाने निकलना
6.) तà¥à¤µà¤šà¤¾ का लाल हो जाना
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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का निदान
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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का परीकà¥à¤·à¤£ करके ये पता लगाया जाता है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कौन सी सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है। आइठहम à¤à¤• à¤à¤• करके सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और उनके निदान पर à¤à¤• विशेष चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं-
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1.) à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾Â
जब परीकà¥à¤·à¤£ में à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ नामक सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है तो à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•ार की ओरल टैबà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ मरीज़ को खाने के लिठकहते हैं। इसी के साथ साथ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने के लिठकà¥à¤› मेडिकल कà¥à¤°à¥€à¤®à¥à¤¸ की à¤à¥€ सलाह दी जाती है।
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2.) फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण फ़ंगस तथा रिंग वारà¥à¤® होते हैं। इसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के निदान के लिठà¤à¤‚टी फंगल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट दिया जाता है। इस सà¥à¤•िन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के निदान के लिठकà¥à¤°à¥€à¤® à¤à¥€ दी जाती है। यदि फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ रहा है तो à¤à¤¸à¥‡ में खाने के लिठकà¥à¤› टैबà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ दी जाती हैं।
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3.) किसी विशिषà¥à¤Ÿ कीड़े के काटने पर
यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किसी विशिषà¥à¤Ÿ कीड़े ने काट लिया है और उसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर खà¥à¤œà¤²à¥€ व जलन हो रही है तो à¤à¤¸à¥‡ में फ़रà¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤¡ के तौर पर घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ की सलाह दी जाती है।Â
इसी के साथ साथ फ़रà¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤¡ के तà¥à¤°à¤‚त बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेना ज़रूरी है।
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